Published : 24 August, 2023
कैंसर के मरीज ऐसे मरीजों में से होते हैं जिन्हें स्पेशलाइज्ड आईसीयू केयर की आवश्यकता होती है। कैंसर के इलाज का नतीजा कैसा रहेगा और मरीज के जीवन की गुणवत्ता कैसी होगी इस पर आईसीयू केयर या क्रिटिकल केयर की गुणवत्ता का व्यापक प्रभाव पड़ता है। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट आरजीसीआई की एमआईसीयू की प्रमुख तथा हाल ही में गठित ऑन्को क्रिटिकल केयर सोसायटी ओसीसीएस की प्रेसिडेंट डॉ. परवीन कौर ने यह बात कही। एक स्पेशियलिटी के तौर पर ऑन्को क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए आरजीसीआई के साथ मिलकर ऑन्को क्रिटिकल केयर सोसायटी ने 4 अगस्त, 2023 को पहले वार्षिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कॉन्फ्रेंस में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई, अपोलो हॉस्पिटल, सर गंगा राम हॉस्पिटल, मेदांता हॉस्पिटल व अन्य प्रतिष्ठित अस्पतालों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर ओसीसीएस की आधिकारिक पत्रिका ऑन्को क्रिटिकल केयर को भी लॉन्च किया गया। डॉ. परवीन कौर ने कहा कि कैंसर के ज्यादातर मरीजों को कैंसर से संबंधित परेशानी या अन्य किसी परेशानी के कारण भी आईसीयू केयर की आवश्यकता होती है। आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों की तुलना में इनकी आवश्यकता अलग होती है। कैंसर या कीमोथेरेपी के कारण कैंसर के मरीजों का इम्यून काफी कमजोर हो चुका होता है।
