Published : 16 February, 2022
बच्चों के कैंसर के
बारे में जागरूकता
की जरुरत
नई दिल्ली, (पंजाब केसरी)
इंटरनेशनल चाइल्डहुड कैंसर डे
(15 फरवरी) के मौके पर राजीव
गांधी कैसर इंस्टीट्यूट एवं रिसर्च
सेंटर (आरजीसीआईआरसी)
की निदेशक, बाल चिकित्सा
हेमाटोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी
और आरजीसीआईआरसी नीति
बाग की मेडिकल डायरेक्टर डॉ.
गौरी कपूर ने इनसे संबंधित कुछ
भ्रम पर स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने इसके लक्षणों पर नजर
रखने और समय-समय पर जांच
की वकालत भी की। बच्चों के
कैंसर के ज्यादातर मामले इलाज
से ठीक हो सकते हैं, यदि समय
पर इलाज मिल जाए। इसलिए इस
बारे में व्यापक जागरूकता समय
की आवश्यकता है। बच्चों में होने
बाले कैंसर से जुड़े भ्रम और तथ्य
के बारे में डॉ. गौरीकपूर ने बताया,
बच्चों और बड़ों में होनेवाले कैसर
अलग-अलग होते है। कैसर के
प्रकार और उपचार के लिए दी के
गयी प्रतिक्रिया और ईलाज दर के
स्तर पर इनमें अंतर होता है। बच्चों
में ल्यूकेमिया, बेन एवं स्पाइनल
कॉर्ड ट्यूमर, न्यूरोब्लास्टोमा,
बिल्स टयूमर, लिंफोमा और
रेटिनोब्लास्टोमा के मामले पाए
जाते है।